Wednesday, August 31, 2016


जीवन के अनमोल पलों में आज नया पल फिर आया।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।
मात्-पिता भाई-बहिन सबके चेहरों पर मै मुस्काया।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।
दोस्तों-चहेतों औ' गुरुओं का अनन्त प्यार मैने पाया।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।
क्या खोया-क्या पाया अब तक चिन्तन का समय आया।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।
झूम-झूम बरसे बदरा नाच रहा मयूर मन का।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।
भीड़ भरे संसार में ख़ुद को, कुछ हृदयों में सदैव पाया।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।
बहुत सहा है मुझको सबने साथ सभी का हरदम पाया।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।
सबको प्रणाम धन्यवाद आज यह कहने का क्षण आया।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।
आशीष-प्रेम-स्नेह-कामना मिलें यूँ ही इक यही चाहना।
जन्मदिन का दिन सुनहरा आज मेरा है फिर आया।

हुई बड़ी अब रात प्रभु।
कंसों का करो अब नाश प्रभु।।
इनके अट्टाहासों से दब गईं
कितनी..निरीह पुकार प्रभु।
पाप की हंडिया भर-भर डोलें
माखन लाल उदास प्रभु।।
बस जन्म नही अब लीला रच दो।
बिषधारी सिर वालों को आज कुचल दो।।