लाख बदलियां करें साजिशें,
इनके हाथ ना आऊँगा मै।
घने अन्धकार में भी अकेला
यूं ही टिमटिमाउगा मै।
चाहे जग हो जाए एक,
पीछे नही हटूँगा मै।
मिलकर सारे रोक लें रस्ते।
क़दम नही रोकूँगा मै।
ना ही हारा हूँ अब तक,
न ही कभी हांरूगा मै।
सिर्फ़.. रोक सके है मौत मुझे,
घुटने तब भी ना टेकुंगा मै।
जब सच्चे दिल के नेक इरादे,
फिर क्यों कहीं झुकूँगा मै।।
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